माँ दुर्गा सुरक्षा कवच
ॐ नमो भगवत्यै दुर्गायै नमः॥
शिरः पातु चामुण्डा,
नेत्रे रक्षतु शैलजा।
कर्णौ पातु विशालाक्षी,
नासिकां मे महेश्वरी॥
मुखं पातु महाकाली,
जिह्वां पातु सरस्वती।
कण्ठं पातु वराही,
हृदयं पातु अम्बिका॥
भुजौ पातु कौमारी,
करौ पातु चण्डिका।
उदरं पातु नारायणी,
कटिं पातु महेश्वरी॥
ऊरू पातु महालक्ष्मी,
जानुनी पातु भैरवी।
जंघे पातु महाकाली,
पादौ पातु जगदम्बा॥
सर्वाङ्गं सर्वदा पातु,
दुर्गा देवी दयामयी।
सर्वभय-विनाशाय,
सर्वरोग-निवारिणी॥
यः पठेत् नित्यं भक्त्या,
कवचं दुर्गा देवताम्।
न तस्य भयमाप्नोति,
सर्वसिद्धिं लभेत् नरः॥
ॐ दुं दुर्गायै नमः॥
🔸 पाठ विधि (संक्षेप):
• प्रातः या संध्या में, लाल आसन पर बैठकर
• 1 या 3 बार पाठ करें
• अंत में माँ दुर्गा से रक्षा की प्रार्थना करें
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